गुवाहाटी: एक समय कठिन भूगोल और अपर्याप्त बुनियादी ढांचे के कारण देश के मुख्य भूभाग से कटे रहने वाले पूर्वोत्तर भारत में आज कनेक्टिविटी का स्वर्णिम युग चल रहा है। बोगीबील पुल, ढोला-सादिया पुल और सेला टनल जैसे इंजीनियरिंग चमत्कारों ने पूर्वोत्तर की जीवनशैली बदल दी है।
उड़ान (UDAN) योजना और नए एयरपोर्ट्स
ईटानगर का डोनी पोलो एयरपोर्ट और सिक्किम का पाक्योंग एयरपोर्ट चालू होने से अब पूर्वोत्तर के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचना सुगम हो गया है। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत 50 से अधिक नए हवाई मार्गों ने पर्यटन और बागवानी उत्पादों के निर्यात को पंख दिए हैं।
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रेलवे नेटवर्क का रणनीतिक विस्तार
- ब्राडगेज लाइन का विस्तार: मिजोरम की राजधानी आइजोल और मणिपुर की राजधानी इंफाल को ब्रॉडगेज रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है।
- चीन सीमा तक लॉजिस्टिक्स मजबूती: अरुणाचल में तवांग तक ऑल-वेदर रोड और रेल संपर्क देश की सुरक्षा पंक्ति को अभेद्य मजबूती प्रदान कर रहा है।