नई दिल्ली: भारत के परिवहन बुनियादी ढांचे में पिछले एक दशक में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में अब राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की गति औसतन 35 किलोमीटर प्रतिदिन के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच चुकी है।

एक्सप्रेसवे नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स लागत

दिल्ली-मुंबई, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, समृद्धि और बेंगलुरु-मैसूर जैसे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे ने देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों को आपस में जोड़ दिया है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत जीडीपी के 14% से घटकर 9% के करीब आ रही है, जो भारतीय विनिर्माण को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहा है।

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सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण

  • फास्टैग (FASTag) से ईंधन की बचत: टोल प्लाजा पर 100% डिजिटल संग्रह से वाहनों के इंतजार का समय घटा है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
  • वाइल्डलाइफ ओवरपास: जंगलों से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे पर वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समर्पित एनिमल ब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं।