वाशिंगटन डीसी: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के संबंध अब केवल पारंपरिक राजनयिक संवाद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह "क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी" (iCET) पहल के तहत अत्याधुनिक तकनीकी और रक्षा सह-उत्पादन की गहरी साझेदारी में बदल चुके हैं।

तेजस एमके-2 के लिए जीई जेट इंजन डील

जनरल इलेक्ट्रिक (GE) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच एफ-414 जेट इंजनों के भारत में निर्माण का ऐतिहासिक समझौता हुआ है। अमेरिका ने अपने सबसे करीबी नाटो सहयोगियों को भी इतनी उच्च स्तर की तकनीक (80% क्रिटिकल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) कभी नहीं दी है, जो भारत पर उसके गहरे विश्वास का प्रमाण है।

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निसार (NISAR) उपग्रह मिशन

  • पृथ्वी की निगरानी: इसरो और नासा द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित डुअल-फ्रीक्वेंसी रडार उपग्रह पृथ्वी की सतह में मिलीमीटर स्तर के बदलावों को भी माप सकेगा।
  • क्वांटम और एआई सहयोग: दोनों देशों के शीर्ष शोध संस्थान कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सुरक्षित सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला पर मिलकर काम कर रहे हैं।

यह साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था की सबसे मजबूत गारंटी है।