मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य अतिथि बनने वाले उद्घाटन समारोह में, मध्य प्रदेश सरकार ने 1100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले एमपी ट्रेवल मार्ट (MPTM) को औपचारिक मुहर लगाई। इस अवसर पर बायवाला हॉल, भोपाल में 34 देशों के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स ने भागीदारी की, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंच पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एमपी ट्रेवल मार्ट का परिचय और निवेश विवरण

एमपी ट्रेवल मार्ट एक सतत‑विकास (सस्टेनेबल) मॉडल पर आधारित बहु‑कार्यात्मक पर्यटन संकुल है, जिसमें होटल, बैनर, शो रूम, ट्रेनिंग सेंटर, इवेंट स्पेस और डिजिटल बुकिंग हब शामिल हैं। राज्य सरकार ने इस परियोजना को 1100 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ मंजूरी दी, जिससे यह राज्य के ‘टूरिज़्म‑हब‑ऑफ़-इंडिया’ लक्ष्य से सीधे जुड़ा है।

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  • कुल क्षेत्रफल: लगभग 15 एकड़ (लगभग 60,700 वर्ग मीटर)
  • निर्माण कार्य में प्री‑फैब्ड कंक्रीट और ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का प्रयोग
  • मुख्य भागीदारी: MP नगर निगम, MP पर्यटन विकास निगम (MPTDC) और निजी निवेशकों का संयोजन
  • उम्मीदित रोज़गार: निर्माण चरण में 2,500 से अधिक श्रमिक, संचालन चरण में 1,200 प्रत्यक्ष और 3,000 अप्रत्यक्ष रोजगार
आधिकारिक बयान और नियामक अनुमोदन

पीआईबी (प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्योरेट) के अनुसार, 23 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने एमपी ट्रेवल मार्ट के लिये सभी आवश्यक अनुमतियां प्रदान कीं। विभाग के निदेशक आशार्यन थापा ने कहा, “यह परियोजना राज्य के पर्यटन बडो को मजबूत करने के साथ साथ स्थानीय MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को भी प्रोत्साहन देगा।”

राज्य के आर्थिक विकास योजना 2026‑27 में इस परियोजना को ‘राज्य‑स्तरीय प्राथमिकता’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, और इसे ‘राज्य‑विशिष्ट क्लस्टर विकास’ के तहत वर्गीकृत किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी

ब्यवस्थापक समिति ने बुधवार को बायवाला हॉल में 34 देशों के 49 टूर ऑपरेटर्स के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया। इनमें यूरोप (जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम), एशिया‑पैसिफिक (जापान, ऑस्ट्रेलिया), मध्य‑पूर्व (संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब) और अफ्रीका (केन्या, ट्यूनीशिया) के प्रमुख थोक‑बिक्री एजेंट शामिल हैं।

इन एजेंटों ने एमपी ट्रेवल मार्ट के टूर‑पैकेज, होटलों, स्थानीय हस्तकला बाजार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समीक्षा की। अधिकांश ने राज्य‑संकुल को “एशिया‑पैसिफिक क्षेत्र में एक नई पर्यटन हब” के रूप में पहचान किया।

मुख्य आकर्षण

  • इंटेलिजेंट बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म – AI‑आधारित रियल‑टाइम उपलब्धता और डायनामिक प्राइसिंग
  • स्थानीय कलात्मक शो रूम – पिचला, मारवाड़ी और भीरू संगीत एवं नृत्य प्रदर्शन
  • ईको‑टूरिज़्म सुविधाएं – बायवाला झील के किनारे इको‑फ्रेंडली ट्रैक्स और साईकल रेंटल
  • व्यापारी मार्केट – हस्तशिल्प, कागज‑हस्तशिल्प, स्थानीय मसालों की विक्रय स्थली
आर्थिक प्रभाव और रोजगार सृजन

राज्य के वित्त विभाग ने इस परियोजना के कुल आर्थिक प्रभाव का अनुमान 2,500 करोड़ रुपये (प्राथमिक एवं प्रतिकूल आर्थिक गतिविधियों सहित) के रूप में लगाया है। इस अनुमान में शामिल हैं:

  • पर्यटन से उत्पन्न राजस्व में 20% की वार्षिक वृद्धि
  • स्थानीय होटल एवं भोजन उद्योग का 15% विस्तार
  • हस्तशिल्प निर्माताओं के लिए नया निर्यात बाजार
  • डिजिटल बुकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से आईटी सेवाओं में नई नौकरी के अवसर

जैसे हमारे घर में “किचन गार्डन” स्थापित करने से परिवार को मौसमी सब्जियों की उपलब्धता मिलती है, वैसे ही एमपी ट्रेवल मार्ट का विस्तार स्थानीय व्यवसायियों को सतत आय का स्रोत देगा।

स्थानीय प्रतिक्रिया और सामाजिक पहलू

भोपाल के व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा, “हमारे छोटे‑मोटे दुकानों को अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों का सीधा संपर्क मिलेगा। इससे न केवल बिक्री बढ़ेगी, बल्कि राज्य‑पर्यटन की छवि भी उज्जवल होगी।”

साथ ही, पर्यावरण संरक्षण समूहों ने निर्माण में प्रयुक्त ग्रीन‑बिल्डिंग सामग्री और जल‑संरक्षण उपायों की प्रशंसा की। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मार्ट के भीतर प्लास्टिक‑फ्री नीति लागू की जाए, जिससे पर्यटक‑उद्यम में सततता की भावना बनी रहे।

प्रक्रिया एवं अगला चरण

आगामी चरण में परियोजना के लिए निर्माण कार्य 1 जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिसके बाद 2028 के पहले तिमाही में पूर्ण संचालन शुरू हो जाएगा। मुख्य समय‑सीमा में शामिल हैं:

  1. डिजाइन फाइनलाइज़ेशन – जुलाई‑अगस्त 2026
  2. बोली प्रक्रिया एवं ठेकेदार चयन – सितम्बर‑दिसंबर 2026
  3. भूकंप‑सुरक्षा और पर्यावरण मंजूरी – जनवरी‑मार्च 2027
  4. निर्माण और इंटीरियर कार्य – अप्रैल‑अप्रैल 2027
  5. अंतिम निरीक्षण एवं प्रमाणन – मई‑जून 2027

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम इस पहल को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर दिखाना चाहते हैं कि मध्य प्रदेश विकास‑केन्द्रित, पर्यावरण‑सुधारित और रोजगार‑उन्मुख है।”

पाठकों के लिए मुख्य बिंदु
  • एमपी ट्रेवल मार्ट का अनुमानित निवेश: 1100 करोड़ रुपये
  • बन्धन दिवस: 34 देशों के टूर ऑपरेटर्स का भोपाल में मिलन (28 सितंबर 2026)
  • रणनीतिक लक्ष्य: मध्य प्रदेश को भारत‑एशिया‑पैसिफिक पर्यटन हब बनाना
  • स्थानीय रोजगार: निर्माण एवं संचालन में कुल 4,500+ नौकरियां निर्मित
  • पर्यावरणीय उपाय: ग्रीन‑बिल्डिंग, इको‑टूर और प्लास्टिक‑फ्री नीति
भविष्य की संभावनाएँ

यदि इस योजना के सभी चरण समय पर पूरे होते हैं, तो मध्य प्रदेश पर्यटन आय 2029 तक वार्षिक 300 करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है। यह अनुमान राज्य के ‘डिजिटल टूरिज़्म एग्जीक्यूशन प्लान 2025‑30’ के अंतर्गत किए गए व्यापक विश्लेषण पर आधारित है।

समाप्ति में, एमपी ट्रेवल मार्ट को एक प्लेटफ़ॉर्म‑सेवा‑केंद्र के रूप में देखना चाहिए, जहाँ स्थानीय कारीगर, होटल मालिक, और तकनीकी स्टार्ट‑अप एक साथ मिलकर विदेशियों की यात्रा को सहज, सुरक्षित और समृद्ध बनाते हैं। जैसे घर में सभी सदस्य मिलकर एक जटिल रेसिपी तैयार करते हैं, वैसे ही यह परियोजना विभिन्न हितधारकों को जोड़कर प्रदेश के पर्यटन को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी।