मुंबई: भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत अब केवल चंद महानगरों तक सीमित नहीं रही। आज राष्ट्रीय टीम में खेलने वाले अधिकांश सितारे छोटे कस्बों, गांवों और संघर्षरत परिवारों से निकलकर अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर करोड़ों दिलों पर राज कर रहे हैं।

जमीन से फलक तक का संघर्ष

आजाद मैदान में टेंट में सोकर गोलगप्पे बेचने वाले यशस्वी जायसवाल का टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाना, या अलीगढ़ के गैस सिलेंडर डिलीवरी मैन के बेटे रिंकू सिंह का लगातार पांच छक्के जड़कर मैच जिताना—यह नई पीढ़ी के उस आत्मबल को दर्शाता है जो किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकता।

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मजबूत घरेलू ढांचा (Ranji & IPL)

  • बीसीसीआई की प्रोत्साहन योजना: टेस्ट और प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए मैच फीस में भारी बढ़ोतरी ने लाल गेंद के क्रिकेट को आकर्षक बनाया है।
  • बेंच स्ट्रेंथ की गहराई: भारत आज एक ही समय में दो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय टीमों को दुनिया के दो अलग-अलग कोनों में उतारकर दोनों जगह जीतने की क्षमता रखता है।