बरसात के दिनों में जब बादलों की गड़गड़ाहट के साथ आकाश से बिजली (Lightning) गिरती है, तो उसमें लगभग 30 करोड़ वोल्ट (300 Million Volts) का पोटेंशियल और 30,000 एम्पीयर का करंट होता है। तापमान की बात करें तो बिजली का तापमान सूर्य की सतह से 5 गुना अधिक—लगभग 30,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
हम सभी जानते हैं कि समुद्र का पानी अत्यधिक खारा (Saline) होता है, जिसमें सोडियम और क्लोराइड आयनों की प्रचुरता के कारण यह विद्युत का अत्यंत शक्तिशाली संवाहक (Good Conductor of Electricity) होता है। तो फिर सवाल उठता है कि जब समुद्र में बिजली गिरती है, तो पानी में मौजूद लाखों मछलियां, व्हेल और अन्य समुद्री जीव करंट से मर क्यों नहीं जाते?
1. करंट का क्षैतिज फैलाव (Horizontal Dispersion)
भौतिकी के नियम के अनुसार, जब बिजली समुद्र की सतह से टकराती है, तो करंट गहराई में लंबवत (Vertically) जाने के बजाय पानी की सबसे ऊपरी सतह पर क्षैतिज (Horizontally) दिशा में चारों ओर एक चपटे छल्ले की तरह फैलता है।
- बिजली का प्रभाव केवल सतह के कुछ इंच या अधिकतम 1 से 2 मीटर तक ही केंद्रित रहता है।
- जैसे-जैसे करंट दूरी तय करता है, अपार जलराशि के कारण प्रतिरोध और फैलाव के चलते उसका वोल्टेज तेजी से शून्य की ओर गिर जाता है।
2. मछलियां गहरे पानी में तैरती हैं
समुद्र के अधिकांश जीव और मछलियां सतह से कई मीटर या सैकड़ों फीट की गहराई में विचरण करती हैं। तूफान और तेज बारिश के दौरान समुद्र की ऊपरी सतह पर तेज लहरें और अशांति होती है, जिससे बचने के लिए मछलियां स्वतः शांत गहरे पानी में नीचे चली जाती हैं। चूंकि बिजली का अधिकांश करंट सतह पर ही फैलकर समाप्त हो जाता है, इसलिए नीचे तैर रहे जीवों को कोई झटका महसूस ही नहीं होता।
3. पानी और मछली के शरीर की चालकता का अंतर
समुद्री खारे पानी की विद्युत चालकता (Conductivity) मछली के आंतरिक शरीर की चालकता से कहीं अधिक होती है। भौतिकी का मूलभूत सिद्धांत है कि करंट हमेशा न्यूनतम प्रतिरोध (Path of Least Resistance) वाले रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए करंट मछली के शरीर में घुसने के बजाय उसके चारों ओर मौजूद खारे पानी से होकर आगे निकल जाता है।
4. क्या सतह पर मौजूद जीव मरते हैं?
हां, यदि कोई मछली, सील या डॉल्फिन ठीक उसी क्षण सतह पर सांस लेने या शिकार करने आई हो जहां बिजली गिरी है, तो 10 से 20 मीटर के दायरे में आने वाले जीव की तत्काल मौत हो सकती है। लेकिन समुद्र के असीमित विस्तार को देखते हुए ऐसा होना अत्यंत दुर्लभ होता है।