प्रकाशनNews

विज्ञापन • 728×90 AD SLOT
ताज़ा खबर
वायरल ट्रेंड: 'एक कचौड़ी, दो समोसा' नारों के बीच बड़ा सवाल — क्या कुछ अपराधियों के कारण पूरे समाज पर तंज कसना सही? गूगल ब्रेकिंग: गूगल डीपमाइंड ने पेश किया सुपर-मॉडल 'Gemini 4 Argon', 10 लाख टोकन सोचने की क्षमता से कोडिंग में बनाया नया रिकॉर्ड एप्पल ब्रेकिंग: भारत में 12 साल बाद शुरू हुई 'Apple Pay' सेवा, Axis बैंक क्रेडिट कार्ड्स पर शुरू हुआ NFC टैप-टू-पे चिकित्सा विज्ञान विशेष: पुरुष शरीर में गर्भाशय का पाया जाना क्या है? जानिए 'परसिस्टेंट म्यूलरियन डक्ट सिंड्रोम' (PMDS) की दुर्लभ सच्चाई पीआईबी ब्रेकिंग: 23 सितंबर को भारत और विश्वभर में मनाया जाएगा 11वां आयुर्वेद दिवस, नागपुर में राष्ट्रीय कार्यक्रम ई-गवर्नेंस विशेष: LGD डायरेक्टरी क्या है? जानिए हर गांव-पंचायत को मिलने वाले विशिष्ट LGD कोड का महत्व वायरल ट्रेंड: 'एक कचौड़ी, दो समोसा' नारों के बीच बड़ा सवाल — क्या कुछ अपराधियों के कारण पूरे समाज पर तंज कसना सही? गूगल ब्रेकिंग: गूगल डीपमाइंड ने पेश किया सुपर-मॉडल 'Gemini 4 Argon', 10 लाख टोकन सोचने की क्षमता से कोडिंग में बनाया नया रिकॉर्ड एप्पल ब्रेकिंग: भारत में 12 साल बाद शुरू हुई 'Apple Pay' सेवा, Axis बैंक क्रेडिट कार्ड्स पर शुरू हुआ NFC टैप-टू-पे चिकित्सा विज्ञान विशेष: पुरुष शरीर में गर्भाशय का पाया जाना क्या है? जानिए 'परसिस्टेंट म्यूलरियन डक्ट सिंड्रोम' (PMDS) की दुर्लभ सच्चाई पीआईबी ब्रेकिंग: 23 सितंबर को भारत और विश्वभर में मनाया जाएगा 11वां आयुर्वेद दिवस, नागपुर में राष्ट्रीय कार्यक्रम ई-गवर्नेंस विशेष: LGD डायरेक्टरी क्या है? जानिए हर गांव-पंचायत को मिलने वाले विशिष्ट LGD कोड का महत्व
देश

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने यतीम बच्चों की पढ़ाई के लिये बोर्ड की आमदनी से 289 मेधावी विद्यार्थियों को दी वित्तीय मदद

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्तियों की आय से 289 यतीम छात्रों की शिक्षा के लिये अधिकतम 10,000 रुपये प्रति बच्चे की सहायता का एलान किया। योजना के विवरण, चयन प्रक्रिया और आगे के विस्तार के कदम इस रिपोर्ट में पढ़ें।
ऑडियो बुलेटिन: खबर सुनें अनुमानित समय: ~4 मिनट
क्लिक करें और संपूर्ण खबर स्वाभाविक आवाज़ में सुनें 0%

मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने हाल ही में एक सामाजिक‑शैक्षिक पहल की घोषणा की, जिसमें बोर्ड की संपत्तियों से उत्पन्न आय को यतीम (अनाथ) बच्चों की शिक्षा पर खर्च किया जाएगा। इस योजना की शुरुआती चरण में 289 मेधावी विद्यार्थियों को अधिकतम ₹10,000 तक की छात्रवृत्ति दी जाएगी, जिससे उनकी स्कूल‑फी, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्च कवर हो सकेंगे। यह कदम प्रदेश में बाल शिक्षा के लिए उपलब्ध संसाधनों को व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

पृष्ठभूमि और बोर्ड की आय के स्रोत

वक्फ बोर्ड की आमदनी मुख्यतः बौधा, भोपाल, इंदौर आदि शहरी क्षेत्रों में स्थित वक्फ‑संपत्तियों, वाणिज्यिक जमीन, अस्पताल एवं आवासीय प्रोजेक्ट्स से आती है। इन संपत्तियों की वार्षिक आय का एक बड़ा हिस्सा अब सीधे शिक्षा‑क्षेत्र में प्रवाहित किया जाएगा, जिससे सरकार के बजट पर दबाव कम होगा और सामाजिक कल्याण पर अधिक फोकस किया जा सकेगा। बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य “किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक कारणों से बीच में नहीं छूटे” है।

सहायता के मुख्य बिंदु
  • लाभार्थी: 289 मेधावी यतीम छात्र/छात्राएँ, जिनकी आयु 6‑18 वर्ष के बीच है।
  • आर्थिक सहायता: प्रत्येक छात्र के लिए अधिकतम ₹10,000 वार्षिक, जो सीधे स्कूल या छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
  • कुल बजट: लगभग ₹21 लाख, जो बोर्ड की वर्तमान आय से आवंटित किया गया है।

श्रेणी / टैग्स: देश

खबर साझा करें:
व

15 वर्षों से आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा पर गहन शोध एवं लेखन। डिजिटल इंडिया और डीप-टेक मामलों के विशेषज्ञ।

संबंधित खबरें (You May Like These)

MIB IT Rules 2021 एवं फैक्ट-चेक अनुपालन

यह आलेख 'प्रकाशन' की आचार संहिता के तहत प्रकाशित हुआ है। किसी भी त्रुटि, तथ्यात्मक सुधार अथवा शिकायत हेतु हमारे शिकायत निवारण अधिकारी से संपर्क करें अथवा [email protected] पर लिखें।